राज्य परिवर्तन प्रकोष्ठ (State Transformation Cell - STC):-
नीति आयोग के स्टेट सपोर्ट मिशन (SSM) के अंतर्गत योजना विभाग में राज्य परिवर्तन प्रकोष्ठ (STC) की स्थापना की गई है। इस प्रकोष्ठ की संकल्पना 2 फरवरी 2024 को की गई थी तथा इसकी तकनीकी एवं विश्लेषणात्मक क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मई 2025 में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को औपचारिक रूप से नियुक्त किया गया । वर्तमान में, राज्य परिवर्तन प्रकोष्ठ (STC) “विकसित राज्य @ 2050” के लिए दीर्घकालिक विकास रूपरेखा तैयार करने में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है, जो “विकसित भारत @ 2047” के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है। प्रत्येक क्षेत्रीय विशेषज्ञ अपने-अपने विषय क्षेत्र का गहन विश्लेषण कर रहा है तथा विकसित भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति के समर्थन में व्यापक क्षेत्रीय दृष्टि-पत्र तैयार कर रहा है।
संस्थागत सुदृढ़ीकरण एवं नीति मुख्यधारा में लाने की पहल
सार्वजनिक धारणा एवं नागरिक संतुष्टि सर्वेक्षण “विकसित भारत @ 2047” के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा राज्यव्यापी सार्वजनिक धारणा एवं नागरिक संतुष्टि सर्वेक्षण — “विकास से समृद्धि की ओर 2050 और उसके बाद” आयोजित किया गया । इस सर्वेक्षण का उद्देश्य विकास के परिणामों, सुशासन की गुणवत्ता, सार्वजनिक सेवा वितरण तथा जीवन की समग्र गुणवत्ता के संबंध में नागरिकों के विचारों का आकलन करना था। सर्वेक्षण के माध्यम से सेवा प्रदाय में विद्यमान कमियों तथा जन-प्राथमिकताओं की पहचान की गई, ताकि दीर्घकालिक राज्य योजना को जनता की आकांक्षाओं तथा “विकसित राज्य @ 2050” के लक्ष्य के साथ समन्वित किया जा सके।
अपनी संस्थागत क्षमता को सशक्त बनाने एवं नीतियों को प्रभावी क्रियान्वयन से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य परिवर्तन प्रकोष्ठ (STC) द्वारा हाल ही में दो विषयगत कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।
1.0 : “नीति से परिणीति :जेंडर-उत्तरदायी योजना एवं बजटिंग हेतु नोडल अधिकारियों की क्षमता सुदृढ़ीकरण
-राज्य परिवर्तन प्रकोष्ठ (STC), नीति आयोग के स्टेट सपोर्ट मिशन के अंतर्गत, GIZ (इंडिया) के तकनीकी सहयोग से इस कार्यशाला का आयोजन दिनांक 22 जनवरी, 2026 को किया गया। इसका उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों में जेंडर-उत्तरदायी योजना एवं बजटिंग की संस्थागत समझ एवं व्यावहारिक अनुप्रयोग को सुदृढ़ करना था।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य नोडल अधिकारियों की क्षमता को सशक्त बनाना है, जिसके अंतर्गत—
• जेंडर-उत्तरदायी योजना एवं बजटिंग की अवधारणाओं एवं रूपरेखाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना
• विभागीय योजनाओं एवं बजट में लैंगिक दृष्टिकोण को समाहित करने हेतु कौशलों का विकास
• श्रेष्ठ प्रथाओं, उपकरणों एवं कार्यान्वयन रणनीतियों का साझा करना
(प्रथम कार्यशाला के छायाचित्र)
2.0 : “नीति से परिणीति : आउटकम बजटिंग के माध्यम से नीति को प्रदर्शन में रूपांतरित करना
-यह कार्यशाला योजना विभाग में स्थापित राज्य परिवर्तन प्रकोष्ठ (STC) द्वारा, नीति आयोग, भारत सरकार के स्टेट सपोर्ट मिशन (SSM) के अंतर्गत दिनांक 13 फरवरी, 2026 को आयोजित की गई । इसका उद्देश्य SDGs, बजटिंग एवं आउटकम बजटिंग से संबंधित कार्य कर रहे सभी नोडल अधिकारियों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की क्षमता वृद्धि करना है।
इस कार्यशाला का उद्देश्य—
• सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से संबद्ध योजना एवं बजटिंग की अवधारणाओं एवं रूपरेखाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना
• प्रदर्शन-आधारित योजना एवं बजटिंग (Performance-Based Planning & Budgeting) को एकीकृत करने हेतु कौशल विकसित करना
• आउटकम बजटिंग के लिए श्रेष्ठ प्रथाओं, उपकरणों एवं कार्यान्वयन रणनीतियों का साझा करना
